कानपुर नगर निगम में विकास कार्यों के बजट आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा के बागी पार्षदों ने निधि के आवंटन में पक्षपात और असमानता के आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, पिछले साढ़े तीन साल में 110 पार्षदों के वार्डों के लिए करीब 594 करोड़ रुपये के 765 विकास कार्य प्रस्तावित किए गए, लेकिन कई वार्डों को बेहद कम राशि मिली, जबकि कुछ को करोड़ों रुपये आवंटित किए गए।
बागी पार्षदों की सूची के अनुसार वार्ड-62 के लिए 14.41 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। वहीं वार्ड-94, 38, 4 और 10 का बजट शून्य बताया गया है। पार्षदों का कहना है कि वे कई महीनों से बजट आवंटन में असमानता और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
125 करोड़ के टेंडर भी विवादों में
विवाद के बीच नगर निगम के करीब 125 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर रद्द कर नए सिरे से कराने की तैयारी की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इन टेंडरों को अब 16 सितंबर को कराया जाएगा। वहीं 594 करोड़ रुपये के 765 कार्यों में से करीब 350 कार्य पूरे होने की जानकारी सामने आई है।
अखिलेश के बयान से सियासत गरम
भाजपा के भीतर से ही बजट आवंटन पर उठे सवालों के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “नामबदलू मुख्यमंत्री जी, कानपुर का नाम कमीशनपुर कर दीजिए!”
अखिलेश के इस बयान के बाद नगर निगम के बजट आवंटन का मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक गरमा गया है।
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