वाराणसी। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं जिला सहकारी फेडरेशन के चेयरमैन राकेश सिंह अलगू ने संत शिरोमणि सद्गुरू रविदास महाराज समरसता अभियान को देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान का पुनर्पाठ बताया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान कई मायनों में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक साबित होगा। राकेश सिंह अलगू ने बताया कि संत रविदास जी के 650वें जन्म जयंती के अवसर पर उनके जन्म स्थली सीर गोवर्धन से यह समरसता अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने इस अभियान को सामाजिक सद्भाव, समरसता और आध्यात्मिक जागरण का अनुपम माध्यम करार दिया। अलगू ने जोर देकर कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज को एक सूत्र में बांधने का प्रयास है।

राकेश सिंह अलगू ने विश्वास जताते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रांतीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी महत्वपूर्ण नेताओं की उपस्थिति में यह कार्यक्रम नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता से यह बात पत्थर पर खींची हुई लकीर की तरह साबित हो जाएगी कि राष्ट्र की गौरवशाली विरासत और सांस्कृतिक धरोहर भाजपा के हाथों में पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने आगे कहा कि संत रविदास महाराज के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनके उपदेश समता, भाईचारे और कर्म पर आधारित हैं, जो वर्तमान समय में सामाजिक एकता के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकते हैं। राकेश सिंह अलगू ने सभी समाज के लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और संत रविदास जी के संदेश को घर-घर तक पहुंचाएं। यह अभियान न केवल वाराणसी बल्कि पूरे देश में सकारात्मक संदेश देने वाला होगा। भाजपा नेतृत्व के इस पहल को सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।