बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भीड़, राखी-मिठाई और कपड़ों की दुकानों पर रही रौनक

वाराणसी /रोहनिया। ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में पर्व को लेकर विशेष तैयारियां शुरू हो गई थीं। बहनों ने पूजा की थाली सजाकर भाइयों की आरती उतारी और उनके माथे पर चंदन का तिलक लगाकर कलाई पर रंग-बिरंगी एवं आकर्षक राखियां बांधीं। इसके बाद भाइयों का मुंह मीठा कराकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की।

राजातालाब, कचनार, मोहनसराय, कनेरी, गंगापुर, शहावाबाद, दरेखू, जगतपुर, रोहनिया, अमरा, अखरी,बेटावर,बच्छाव, लठियां, काशीपुर, जगदेवपुर, भवानीपुर, पनियरा, शाहंशाहपुर, जख्खिनी, जयापुर, मरुई, भीमचंडी, पयागपुर व असवारी समेत आसपास के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार रक्षाबंधन के रंग में रंगे नजर आए। बाजारों में जगह-जगह रंग-बिरंगी राखियों की दुकानें सजी थीं। वहीं मिठाई, कपड़े, पूजा सामग्री और उपहार की दुकानों पर भी सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।

बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के बाद मिठाई खिलाई और भाई की रक्षा, दीर्घायु एवं खुशहाल जीवन की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा करने का पारंपरिक संकल्प लिया। इस अवसर पर भाइयों ने अपनी बहनों को कपड़े, नकद राशि, मिठाई और अन्य उपहार देकर उनके प्रति अपने प्रेम का इजहार किया। कई परिवारों में दूर रहने वाले भाई-बहन भी पर्व मनाने के लिए अपने पैतृक घर पहुंचे, जिससे घर-परिवार में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

राखी और मिठाई की दुकानों पर रही भीड़

रक्षाबंधन को लेकर ग्रामीण बाजारों में काफी चहल-पहल देखने को मिली। राखियों की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की भीड़ लगी रही। बच्चों के लिए कार्टून और विभिन्न डिजाइनों वाली राखियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। वहीं मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ रही। लोग अपनी पसंद की मिठाइयां खरीदकर घर ले जाते नजर आए। कपड़े और उपहार की दुकानों पर भी खरीदारों की संख्या बढ़ी रही।

सड़कों पर बढ़ी चहल-पहल

त्योहार के चलते ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर भी सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी अधिक भीड़ रही। बाजारों और प्रमुख चौराहों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण कई स्थानों पर रुक-रुककर जाम की स्थिति भी बनती रही। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजारों में लोगों की भीड़ के कारण दुकानदार भी दिनभर व्यस्त नजर आए।

सावन और रक्षाबंधन के गीतों से गूंजे गांव

रक्षाबंधन के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में त्योहार की खुशी का अलग ही रंग देखने को मिला। घरों और आसपास के इलाकों में रक्षाबंधन तथा सावन के पारंपरिक गीतों की गूंज सुनाई देती रही। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह से जुड़े इस पर्व ने ग्रामीण परिवेश में आपसी भाईचारे और पारिवारिक संबंधों को और मजबूत किया। पूरे दिन गांवों और बाजारों में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।