वर्षों पुराने अवैध निर्माण ध्वस्त, महंत बोले- अब शेष भूमि भी मुक्त कर बने भव्य पांचो पांडव मंदिर
वाराणसी। काशी की ऐतिहासिक 84 किलोमीटर लंबी पंचकोसी यात्रा के चौथे पड़ाव पर स्थित प्राचीन शिवपुर पांचो पांडव मंदिर परिसर से मंगलवार को नगर निगम ने वर्षों पुराने अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई की। मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से बनी दुकानें और रेस्टोरेंट ध्वस्त कर दिए गए। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई टलती रही, लेकिन 12 जुलाई को परफेक्ट मिशन में प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। इसके बाद नगर निगम की टीम ने कई स्तर पर निरीक्षण किए और 25 जुलाई को जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद ने मीडिया से बातचीत में सावन मास शुरू होने से पहले अतिक्रमण हटाने का भरोसा दिया था। मंगलवार को नगर निगम और शिवपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और पूरे अभियान को अंजाम दिया। कार्रवाई पूरी होते ही स्थानीय लोगों ने संतोष जताते हुए कहा कि वर्षों बाद मंदिर परिसर को अतिक्रमण से मुक्ति मिली है और अब पंचकोसी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी।
मंदिर के महंत राजन तिवारी ने कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल शुरुआत है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार मंदिर की बड़ी भूमि आज भी अवैध कब्जे में है, जिसे तत्काल मुक्त कराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कभी मंदिर की लगभग पांच बीघा भूमि थी, जो लगातार अतिक्रमण के कारण सिमटकर मात्र एक बिश्वा रह गई है। महंत ने राजस्व विभाग से संपूर्ण भूमि का सीमांकन कर शेष हिस्से को भी कब्जामुक्त कराने की मांग की, ताकि प्राचीन पांचो पांडव मंदिर का भव्य स्वरूप पुनः स्थापित हो सके। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कार्रवाई न केवल मंदिर की गरिमा बहाल करने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि पंचकोसी यात्रा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी बड़ी सफलता है।
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