नई दिल्ली। दीपावली के त्योहार को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पटाखों और आग से होने वाली दुर्घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों के बर्न, प्लास्टिक सर्जरी और इमरजेंसी विभागों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मरीजों की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेड भी आरक्षित रखे गए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष ड्यूटी रोस्टर तैयार किया है। डॉक्टरों की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त चिकित्सा टीमों को भी तैयार रखा गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके।
प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, AQI गंभीर स्तर के करीब
दिवाली के बीच दिल्ली में वायु प्रदूषण ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। राजधानी की हवा पहले से ही बेहद खराब स्थिति में बनी हुई है। पटाखों के धुएं के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 364 से 369 के बीच दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। वहीं, कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 के पार पहुंच गया।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दिवाली के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से सांस संबंधी परेशानी, खांसी, आंखों में जलन और अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पटाखों के धुएं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। इसके अलावा दिवाली पर मिठाइयों का सेवन सीमित रखने और खानपान में संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
अस्पतालों में तैयारियां पूरी
त्योहार के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं तैयार रखी गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि दिवाली के दौरान आग से झुलसने, आंखों में चोट और प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
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