कौशाम्बी/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट से मनौरी बाजार और आसपास का इलाका दहल उठा। पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी में दोपहर करीब 12 बजे अचानक फैक्टरी में आग लग गई। इसके बाद वहां रखे पटाखों में लगातार जोरदार धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे में कई लोगों की मौत की सूचना है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। कौशाम्बी और प्रयागराज के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

लगातार धमाकों से मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पटाखा फैक्टरी से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पटाखों में एक के बाद एक विस्फोट होने लगे। लगातार हो रहे धमाकों के कारण आसपास के लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

धमाके इतने तेज थे कि आसपास के मकान हिल उठे। कई घरों के शीशे टूट गए। फैक्टरी और आसपास के मकानों का मलबा काफी दूर तक जा गिरा। बताया जा रहा है कि ईंट और मलबे के टुकड़े करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक पहुंच गए।

15 से ज्यादा मकान हुए जमींदोज

विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैक्टरी के आसपास स्थित कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, 15 से अधिक मकान धराशायी हुए हैं। कई परिवारों के लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई।

सूचना मिलने के बाद कौशाम्बी और प्रयागराज से पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी, एंबुलेंस और बचाव दल मौके पर भेजे गए। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर लोगों की तलाश की जा रही है।

एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से मचा कोहराम

हादसे में एक परिवार के पांच लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बताया गया कि मीरपुर गांव निवासी गया प्रसाद साहू पटाखा फैक्टरी के पास मकान बनाकर पत्नी उर्मिला और तीन बेटों आदित्य, रवि और छोटू के साथ रहते थे।

विस्फोट के दौरान उनका मकान भी इसकी चपेट में आ गया और पूरी तरह जमींदोज हो गया। परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। मलबे में दबने से गया प्रसाद, उनकी पत्नी और तीनों बेटों की मौत हो गई। राहत दल ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और गांव में मातम पसर गया।

कई घायलों की हालत गंभीर

विस्फोट में बड़ी संख्या में लोग झुलसे और घायल हुए हैं। गंभीर घायलों को उपचार के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बताई गई है और कई मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।

अस्पताल पहुंचाए गए घायलों में बच्चों और महिलाओं के अलावा कई अन्य लोग भी शामिल हैं। चिकित्सकों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और घायलों के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

एंबुलेंस नहीं मिलने का परिजनों ने लगाया आरोप

हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी की बात भी सामने आई है। कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि मौके पर काफी देर तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। एंबुलेंस नहीं मिलने पर कुछ घायलों को चारपाई पर लादकर और स्थानीय वाहनों की मदद से एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया।

इस दौरान घायलों के परिजन मदद के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। हादसे की भयावहता के बीच राहत एवं बचाव व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं।

एयरफोर्स के जवानों ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव अभियान में एयरफोर्स के जवानों को भी लगाया गया। जवानों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने के अभियान में हिस्सा लिया।

प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है। घटनास्थल पर जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। बचाव अभियान के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है।

मौके पर पहुंचे एडीजी, आईजी, डीएम और एसपी

घटना की सूचना मिलते ही कौशाम्बी और प्रयागराज के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के साथ कौशाम्बी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अस्पतालों में भी अधिकारियों ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

फैक्टरी में आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं

पटाखा फैक्टरी में आग आखिर किस वजह से लगी, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती स्तर पर प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। फैक्टरी में पटाखों के भंडारण और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और फैक्टरी के संचालन से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

धमाके से दहला मनौरी बाजार

हादसे के बाद मनौरी बाजार और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। धमाकों की आवाज दूर तक सुनाई देने के कारण बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ समय तक पूरे इलाके में धुआं छाया रहा।

स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाकों के दौरान उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। फैक्टरी के आसपास रहने वाले लोगों में हादसे को लेकर भय बना हुआ है।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की चिंता बनी हुई है। राहत दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहा है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या की पुष्टि किए जाने के बाद ही आंकड़ा पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन का पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। घायलों को बेहतर उपचार दिलाने और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान जारी है।