मेजा,प्रयागराज। राष्ट्रीय पसमांदा सेवा समिति ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और उसके संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित कराने के संकल्प को दोहराया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य सामाजिक समरसता, शिक्षा, रोजगार और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करना है।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद बाबर ने कहा कि देश के पसमांदा समाज सहित सभी वंचित एवं कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय, सम्मान और समान अवसर नहीं मिलेगा, तब तक समग्र विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने युवाओं से शिक्षा प्राप्त करने, सामाजिक एकता बनाए रखने तथा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फकीर अली ने कहा कि राष्ट्रीय पसमांदा सेवा समिति पूरे देश में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने, भाईचारा बढ़ाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष प्रयागराज राकेश सोनकर ने कहा कि जिले में समिति की इकाइयों को मजबूत किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सदस्यता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम तथा सामाजिक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों तक संगठन की सेवाएं और सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर समिति सक्रिय भूमिका निभाएगी।

समिति के पदाधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय की स्थापना में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा सकता है और एक समतामूलक एवं सशक्त समाज का निर्माण संभव है।