वाराणसी में मंगलवार को विकास, बाढ़, स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आईं। शहर के 119 पार्कों और प्रमुख विरासत मार्गों को संवारने के लिए 69 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं ने काशी के शहरी विकास को नई दिशा दी है। दूसरी ओर गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी के पूर्वानुमान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की चिंता बढ़ा दी है। मंडलीय अस्पताल में स्वाइन फ्लू के दो मरीज भर्ती हैं। बीएचयू में नौकरी के नाम पर छह लाख रुपये की कथित ठगी में गिरफ्तारी हुई, जबकि विश्वविद्यालय से जुड़े एक नए शोध में खिलाड़ियों के पैरों पर असंतुलित दबाव और प्रदर्शन के बीच संबंध सामने आया है। शहर की इन्हीं प्रमुख खबरों को पढ़िए ‘वाराणसी TOP 10’ में।
1. काशी के 119 पार्क संवरेंगे, विरासत मार्गों समेत ₹69.21 करोड़ की योजना
वाराणसी के शहरी ढांचे और विरासत क्षेत्रों को बेहतर बनाने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत 69.21 करोड़ रुपये से अधिक की दो परियोजनाओं पर समझौते हुए हैं। इनमें 48 करोड़ रुपये से शहर के 119 सार्वजनिक पार्कों का पुनर्विकास और सारनाथ व मैदागिन में दो आधुनिक फूड स्ट्रीट हब विकसित किए जाएंगे। पार्कों में वॉकिंग पाथ, ओपन जिम, बच्चों के खेल उपकरण, प्रकाश और जलनिकासी जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। दूसरी परियोजना में 21.21 करोड़ रुपये से ठठेरी बाजार हेरिटेज लेन से कालभैरव मंदिर, गोदौलिया से मैदागिन और मणिकर्णिकेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले विरासत क्षेत्रों को संवारा जाएगा। परियोजनाओं को 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। इससे पर्यटन सुविधाओं के साथ स्थानीय रोजगार और वेंडरों के लिए बेहतर व्यवस्था की उम्मीद है।
2. गंगा फिर बढ़ने का पूर्वानुमान, निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी
कुछ दिनों की राहत के बाद वाराणसी में गंगा के जलस्तर को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ सकती है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के आधार पर प्रकाशित रिपोर्ट में आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने और खतरे के निशान के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक जलस्तर 71.28 मीटर तक पहुंच सकता है, जबकि वाराणसी में खतरे का स्तर 71.262 मीटर है। फिलहाल घटते पानी के कारण कई परिवार अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं, लेकिन बाढ़ का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोग बने हुए हैं। ऐसे में वरुणा और गंगा किनारे के निचले इलाकों के लोगों के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण होंगे। जलस्तर का वास्तविक रुख बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी पर निर्भर करेगा।
3. वाराणसी में स्वाइन फ्लू के दो मरीज, आइसोलेशन वार्ड में इलाज
वाराणसी में स्वाइन फ्लू के दो मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है। मंडलीय अस्पताल से एक सप्ताह के दौरान 23 मरीजों के नमूने जांच के लिए बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी सेंटर भेजे गए थे। इनमें दो नमूनों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमित मरीजों में एक कज्जाकपुरा निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग हैं, जबकि दूसरे 80 वर्षीय मरीज भदोही के रहने वाले हैं। दोनों को मंडलीय अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया है। चिकित्सकों ने संक्रमण को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम में बदलाव के बीच बुखार, खांसी और सांस संबंधी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करने तथा गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की जरूरत बताई जा रही है।
4. ट्रक की टक्कर से पूर्व सैन्यकर्मी की मौत, सीसीटीवी से चालक की तलाश
चौबेपुर क्षेत्र के संदहां गांव के पास सड़क दुर्घटना में बाइक सवार पूर्व सैन्यकर्मी संतोष कुमार यादव की मौत हो गई, जबकि उनके साथी विनीत कुमार वर्मा घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक संतोष सारनाथ क्षेत्र के लेढूपुर में मकान बनाकर रहते थे और अपने साथी के साथ बाइक से हरहुआ की ओर जा रहे थे। संदहां के पास एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में संतोष की मौके पर मौत हो गई, जबकि घायल विनीत को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक लेकर निकल गया। चौबेपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ वाहन और चालक की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
5. बीएचयू में नौकरी का झांसा देकर छह लाख लेने का आरोप, आरोपी गिरफ्तार
बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी दिलाने के नाम पर करीब छह लाख रुपये लेने और कथित रूप से फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में सिगरा पुलिस ने चंद्रमणि शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे रकम ली गई और बाद में एक कूटरचित नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। धोखाधड़ी की जानकारी होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी को सोनिया रोड स्थित कार्यालय से पकड़ा। पुलिस अब मामले में पैसे के लेन-देन और दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। इस प्रकरण में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगी। मामला सरकारी और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की जरूरत भी रेखांकित करता है।
6. नक्खीघाट का नया अंडरपास खुलने से पहले जलमग्न, 8 से 10 फीट तक पानी
नक्खीघाट में बनाया गया नया अंडरपास जनता के लिए पूरी तरह उपयोग में आने से पहले ही गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। सामने आई जानकारी के मुताबिक अंडरपास में करीब एक महीने से 8 से 10 फीट तक पानी जमा है। चिंता की बात यह है कि समस्या केवल बारिश के पानी तक सीमित नहीं बताई जा रही, बल्कि जमीन की सतह से लगातार रिसाव के कारण भी पानी भर रहा है। ऐसे में अंडरपास की जलनिकासी व्यवस्था और उसके उपयोग को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ी है। शहर में यातायात दबाव कम करने के उद्देश्य से तैयार किए जाने वाले ऐसे ढांचों में स्थायी जलनिकासी जरूरी है। अब निगाह संबंधित निर्माण एजेंसी और विभाग पर है कि पानी निकालने तथा भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति रोकने के लिए कौन-सा तकनीकी समाधान अपनाया जाता है।
7. खिलाड़ियों की थकान पर बीएचयू का शोध, पैरों पर असंतुलित दबाव से जुड़ा प्रदर्शन
बीएचयू में फुटबॉल खिलाड़ियों पर किए गए अध्ययन में पैरों के तलवों पर असंतुलित दबाव और खेल प्रदर्शन के बीच महत्वपूर्ण संबंध सामने आया है। अध्ययन में 30 फुटबॉल खिलाड़ियों को शामिल कर यो-यो इंटरमिटेंट रिकवरी टेस्ट और विशेष मशीन से उनके पैरों पर पड़ने वाले दबाव का आकलन किया गया। शोध में कुछ खिलाड़ियों की एड़ी पर सामान्य से काफी अधिक दबाव दर्ज किया गया और ऐसे खिलाड़ियों में प्रदर्शन प्रभावित होने के संकेत मिले। अध्ययन में बाएं पैर की एड़ी पर 70 प्रतिशत और कुछ मामलों में दाएं पैर की एड़ी पर 93 प्रतिशत तक दबाव दर्ज होने की बात सामने आई। शोधकर्ताओं के अनुसार लंबे समय तक असंतुलित दबाव शरीर के पोस्चर और खेल क्षमता पर असर डाल सकता है। अब इस आधार पर खिलाड़ियों के बायोमैकेनिक्स को बेहतर बनाने की दिशा में आगे अध्ययन किया जा रहा है।
8. चौकाघाट बिजली उपकेंद्र में 13 महीने की देरी, कंपनी पर ₹12 करोड़ जुर्माना
वाराणसी में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तैयार हो रहे चौकाघाट ट्रांसमिशन सबस्टेशन के निर्माण में लंबी देरी पर संबंधित कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार 220 केवी चौकाघाट ट्रांसमिशन सबस्टेशन का काम निर्धारित अवधि से करीब 13 महीने पीछे चल रहा है। इसके चलते मेघा इंटरप्राइजेज पर लगभग 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि उपकेंद्र समय पर चालू हो जाता तो वरुणापार समेत कई क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पर दबाव कम करने में मदद मिलती। कंपनी को दीर्घ अवधि तक उपकेंद्र के संचालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। वाराणसी में लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है, इसलिए अब निर्माण पूरा करने की नई समयसीमा और काम की प्रगति पर निगरानी अहम होगी।
9. बीएचयू के बीएफए प्रवेश पर अभ्यर्थियों की आपत्ति, मूल्यांकन में पारदर्शिता की मांग
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स प्रवेश की प्रायोगिक परीक्षा के अंकों को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों ने प्रैक्टिकल परीक्षा के अंक और कटऑफ सार्वजनिक करने, प्रवेश प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा कराने तथा पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ दोबारा परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने पिछले और वर्तमान वर्ष के अंकों में अंतर को लेकर आपत्ति जताई है। इसके साथ ही 25 अगस्त को केंद्रीय कार्यालय पर हुए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। यह फिलहाल अभ्यर्थियों की ओर से उठाया गया विवाद है और इससे मूल्यांकन में अनियमितता स्वतः सिद्ध नहीं होती। विश्वविद्यालय की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसी के आधार पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
10. काशी से शुरू होगा राष्ट्रीय पोषण माह, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय कार्यक्रम
वाराणसी एक और राष्ट्रीय स्तर के अभियान की शुरुआत का केंद्र बनने जा रहा है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ करेंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। इस बार अभियान की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। अभियान में बच्चों और महिलाओं के पोषण, पर्याप्त प्रोटीन, विविध आहार, आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा गर्म भोजन, सामुदायिक भागीदारी और प्रारंभिक बाल विकास पर विशेष जोर रहेगा। इसके बाद देशभर में आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और पंचायतों के स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
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