गुरु पूर्णिमा पर महामंडलेश्वर स्वामी विनयानंद गिरी महाराज ने बताया गुरु का महत्व, भक्तों ने लिया आशीर्वाद
प्रयागराज। कौंधियारा क्षेत्र के गोठी बेलसारा स्थित श्री हरि धाम सनातन सेवा ट्रस्ट आश्रम में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर एवं ट्रस्ट के पीठाधीश्वर स्वामी विनयानंद गिरी महाराज का भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में सुख, शांति और मंगल की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी विनयानंद गिरी महाराज ने सर्वप्रथम अपने गुरु का पूजन कर गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन किया। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने कहा कि संस्कृत में "गु" का अर्थ अंधकार और "रु" का अर्थ उसे दूर करने वाला होता है। गुरु वह दिव्य शक्ति हैं, जो मनुष्य के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अपने गुरु, माता-पिता, शिक्षकों और जीवन में सही मार्ग दिखाने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर है। इस दिन गुरु पूजन, स्वाध्याय, ध्यान, वेद-पुराणों का अध्ययन तथा गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का विशेष महत्व है।
आश्रम में पूरे दिन भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और गुरु वंदना का कार्यक्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर मंगला पटेल, रविन्द्र कुशवाहा, कृष्णा अवतार पटेल, अमृत लाल शर्मा, गरीब दास, गोलू वर्मा, पुष्पेंद्र कुशवाहा, मनीष कुशवाहा, ननकू लाल विश्वकर्मा, आशा शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु पूर्णिमा के पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हुए गुरु के बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
Comments (0)