वाराणसी में रविवार को बाढ़ और गंगा के जलस्तर से जुड़ी स्थितियां सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। पानी घटने से राहत की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन प्रभावित मोहल्लों में दुश्वारियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। दूसरी ओर बीएचयू में पद्मश्री प्रो. टीके लहरी से कथित दुर्व्यवहार का मामला गंभीर होता जा रहा है। रील बनाते समय अवैध असलहे से गोली चलने, सीवर समस्या पर लोगों के विरोध, स्वाइन फ्लू जांच की व्यवस्था, शिवपुर सीएचसी के निरीक्षण और बीएचयू की कृषि उपलब्धि ने भी शहर का ध्यान खींचा। धार्मिक काशी में बाबा बटुक भैरव का हरियाली एवं जलविहार शृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।
1. गंगा का जलस्तर घटा, बाढ़ प्रभावित इलाकों में दुश्वारियां बरकरार
गंगा के जलस्तर में गिरावट से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों और वरुणा से जुड़े कई इलाकों में परेशानी अभी बरकरार है। जलस्तर में कमी के बावजूद कई स्थानों पर बाढ़ का पानी आबादी के बीच मौजूद है और आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। नक्कीघाट समेत प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की दिनचर्या धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रही है। प्रशासन की ओर से राहत व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है। गंगा का पानी पीछे हटना राहत का संकेत जरूर है, लेकिन जलभराव, सफाई, पेयजल और संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए बाढ़ उतरने के बाद भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
2. बीएचयू में पद्मश्री प्रो. टीके लहरी से कथित मारपीट, जांच की मांग तेज
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में पद्मश्री प्रो. टीके लहरी से कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला चर्चा में है। आरोप है कि आईसीयू में भर्ती वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. लहरी के साथ एक एसोसिएट प्रोफेसर ने अभद्रता की और थप्पड़ मारा। उनकी आंख के पास चोट का निशान होने की बात भी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बीएचयू प्रशासन ने प्रकरण की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया है। कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अस्पताल पहुंचकर प्रो. लहरी का हाल जाना और निष्पक्ष जांच की मांग की। आरोपी पक्ष की ओर से घटनाक्रम को लेकर अलग पक्ष सामने आने के कारण जांच के निष्कर्ष पर निगाहें टिकी हैं।
3. रील बनाते समय अवैध असलहे से चली गोली, किशोर के चेहरे पर लगी
सोशल मीडिया रील बनाने का शौक एक किशोर के लिए जानलेवा साबित होते-होते बचा। फूलपुर थाना क्षेत्र के बेहवरिया गांव में दोस्तों के साथ रील बनाते समय अवैध असलहे से अचानक गोली चल गई और 16 वर्षीय किशोर के चेहरे पर जा लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को पिंडरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत को देखते हुए उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। पुलिस के मुताबिक घटना के समय किशोर अपने दोस्तों के साथ वीडियो बना रहा था। प्रकरण में दो किशोरों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना ने सोशल मीडिया सामग्री बनाने के दौरान खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल और युवाओं में बढ़ती जोखिम भरी प्रवृत्ति पर चिंता बढ़ा दी है।
4. सीवर जाम से भड़के लोग, विधायक और जलकल जीएम को चौक पर बैठाया
सीवर और बरसाती पानी के जमाव से परेशान लोगों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। लंबे समय से समस्या झेल रहे स्थानीय लोगों ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति ऐसी बनी कि मौके पर पहुंचे विधायक और जलकल विभाग के महाप्रबंधक को भी प्रदर्शनकारियों के बीच बैठना पड़ा। लोगों ने नारेबाजी करते हुए समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि सीवर जाम और जलभराव के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और गंदगी के चलते बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश और बाढ़ के दौर में सीवर व्यवस्था की खामियां ज्यादा गंभीर रूप में सामने आई हैं। प्रदर्शन के बाद संबंधित विभागों पर समस्या के त्वरित और स्थायी निस्तारण का दबाव बढ़ गया है।
5. स्वाइन फ्लू जांच की व्यवस्था पर चिंता, नमूने भेजे जा रहे बीएचयू
बदलते मौसम और संक्रामक रोगों की आशंका के बीच वाराणसी में स्वाइन फ्लू की जांच व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। सामने आई जानकारी के अनुसार मंडलीय चिकित्सालय में संदिग्ध मरीजों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए बीएचयू भेजे जा रहे हैं। अस्पताल स्तर पर आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय नहीं होने के कारण रिपोर्ट मिलने में समय लगने की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में चिकित्सकों ने बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है। बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों में मौसमी तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने के बीच स्वास्थ्य विभाग के लिए जांच और उपचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया है।
6. शिवपुर सीएचसी का निरीक्षण, एक माह से एक्सरे बंद मिलने पर नाराजगी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी वरिष्ठ अधिकारी के शिवपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। निरीक्षण में करीब एक महीने से एक्सरे सेवा प्रभावित होने की बात सामने आई। अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण जांच सुविधा लंबे समय तक बाधित रहने को गंभीर माना गया। स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, मरीजों को मिलने वाली सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्र के मरीज निर्भर रहते हैं, ऐसे में एक्सरे जैसी बुनियादी जांच सेवा का लंबे समय तक बंद रहना मरीजों को निजी केंद्रों की ओर जाने के लिए मजबूर कर सकता है। निरीक्षण के बाद व्यवस्था शीघ्र दुरुस्त होने की उम्मीद बढ़ी है।
7. बीएचयू की ‘एचयूएम-27’ मूंग अब व्यावसायिक उत्पादन की ओर
काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए उच्च प्रोटीन वाली मूंग की प्रजाति ‘एचयूएम-27’ से जुड़ी तकनीक को व्यावसायिक उत्पादन के लिए हस्तांतरित किया है। यह प्रजाति अधिक तापमान सहने की क्षमता के कारण किसानों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की विकसित तकनीक व्यावसायिक स्तर तक पहुंचने से गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है। इसका लाभ विशेष रूप से उन क्षेत्रों के किसानों को मिल सकता है, जहां तापमान में वृद्धि दलहनी फसलों की उत्पादकता को प्रभावित करती है। कृषि वैज्ञानिकों के प्रयास से विकसित प्रजाति का व्यावसायिक विस्तार बीएचयू के शोध को प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
8. मकान पर गिरी आकाशीय बिजली, महिला और छात्रा झुलसीं
जिले में मौसम के बदले मिजाज के बीच आकाशीय बिजली गिरने की घटना में एक महिला और छात्रा झुलस गईं। बिजली सीधे मकान पर गिरने से परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायल महिला और छात्रा को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार बारिश और मानसूनी गतिविधियों के बीच आकाशीय बिजली का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए खुले स्थान, खेत, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास रहने से बचने की जरूरत है। वाराणसी और आसपास के पूर्वांचल में मानसूनी सक्रियता अभी समाप्त नहीं हुई है और बारिश की परिस्थितियां दोबारा बन सकती हैं। घटना ने ग्रामीण तथा खुले क्षेत्रों में खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता फिर सामने रखी है।
9. बटुक भैरव का हरियाली और जलविहार शृंगार, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
धार्मिक नगरी काशी में रविवार को बाबा बटुक भैरव के हरियाली एवं जलविहार शृंगार को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। मंदिर परिसर को फूलों और हरियाली से सजाकर बाबा का विशेष शृंगार किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के क्रम में पूजन-अर्चन और जलविहार की परंपरा निभाई गई। बाबा बटुक भैरव काशी के प्रमुख भैरव मंदिरों में शामिल हैं और स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले भक्त भी यहां दर्शन-पूजन करते हैं। विशेष शृंगार के अवसर पर मंदिर का वातावरण भक्तिमय रहा। काशी में धार्मिक उत्सवों और पारंपरिक शृंगार की विशिष्ट परंपरा के बीच बटुक भैरव का यह आयोजन श्रद्धा के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत करता दिखाई दिया।
10. वाराणसी में कोडीन सिंडिकेट पर प्रहार, 4.50 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध तस्करी से जुड़े सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई के क्रम में सोनभद्र पुलिस ने वाराणसी में करीब 4.50 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों पर कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार ये संपत्तियां सिंडिकेट से जुड़े एक फरार मुख्य आरोपी के पिता से संबंधित हैं। तस्करी नेटवर्क के आर्थिक आधार को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस की जांच में अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल जारी है। वाराणसी में करोड़ों रुपये की संपत्ति पर हुई कार्रवाई से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस का जोर फरार आरोपियों तक पहुंचने के साथ तस्करी नेटवर्क से जुड़े आर्थिक स्रोतों को चिह्नित करने पर भी है।
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