चंदौली। जनपद के पारंपरिक कारीगरों को रोजगार से जोड़ने और उनके हुनर को आधुनिक तकनीक से विकसित करने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 10 दिवसीय निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद पात्र कारीगरों को उन्नत टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त उद्योग उदय प्रकाश पासवान ने इच्छुक कारीगरों से 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत जिले में राजमिस्त्री, बढ़ई, नाई और लोहार के 50-50 तथा मोची के 25 कारीगरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट msme.up.gov.in अथवा diupmsme.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक चंदौली जिले का मूल निवासी और न्यूनतम 18 वर्ष की आयु का होना चाहिए। वह दर्जी, लोहार, राजमिस्त्री, बढ़ई, कुम्हार, हलवाई, नाई, मोची या धोबी जैसे पारंपरिक दस्तकारी व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए। एक परिवार से केवल एक सदस्य आवेदन कर सकता है। साथ ही आवेदक ने पूर्व में किसी सरकारी प्रशिक्षण योजना के तहत टूलकिट या मानदेय का लाभ न लिया हो।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि योजना का लाभ केवल जाति के आधार पर सीमित नहीं है। गैर-पारंपरिक जाति के ऐसे लोग भी आवेदन कर सकते हैं, जो संबंधित पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं। इसके लिए ग्राम प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष अथवा वार्ड सभासद द्वारा जारी पारंपरिक कारीगर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
आवेदन के लिए आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति और पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं। गैर-पारंपरिक जाति के आवेदकों को पारंपरिक कारीगर प्रमाण-पत्र भी देना होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, चंदौली, निकट टाटा मोटर्स एजेंसी, धूरीकोट स्थित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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