वाराणसी।  लोहता थाना क्षेत्र स्थित बनकट फाटक और उसके आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर पहुंच गया है। इन खूंखार और आक्रामक आवारा कुत्तों की वजह से स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों का पैदल चलना बेहद खतरनाक हो गया है। आए दिन ये कुत्ते राह चलते लोगों और मासूम बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल कायम है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतराने लगे हैं।

हाल ही में बनकट फाटक के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खेल रही एक छोटी बच्ची सायबा को आवारा कुत्ते ने अचानक झपटकर बुरी तरह काट लिया। बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह कड़ी मशक्कत के बाद उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों में भारी गुस्सा व्याप्त है।

बनकट फाटक एक व्यस्त इलाका है, जहां से रोजाना सैकड़ों स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गुजरते हैं। आवारा कुत्तों के झुंड हर समय यहां गलियों और मुख्य मार्ग पर जमा रहते हैं, जिससे कभी भी बड़ी अनहोनी होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

क्षेत्र के निवासियों ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम से पुरजोर मांग की है कि बनकट फाटक और आसपास की गलियों में तुरंत आवारा कुत्तों को पकड़ने का विशेष अभियान चलाया जाए। अगर समय रहते प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई होना नितांत आवश्यक है।