चंदौली। चन्द्रप्रभा और गड़ई नदियों में आए उफान से किसानों की फसलें बर्बाद होने को लेकर राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने बुधवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग को पत्र देकर प्रभावित किसानों को तत्काल राहत सामग्री और मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने फसल क्षति का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के साथ ही नदियों की खुदाई एवं सिल्ट सफाई कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

सांसद ने पत्र में कहा कि नदियों के उफान से नियामताबाद, चकिया, मुगलसराय और बबुरी क्षेत्रों में हजारों हेक्टेयर खड़ी फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो गई हैं। इससे किसान परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत सामग्री वितरित कराने और फसल क्षति का सर्वे कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद, एक नदी’ अभियान के तहत सिंचाई विभाग द्वारा चन्द्रप्रभा और गड़ई नदियों की खुदाई व गाद-सिल्ट सफाई कराई गई थी। इस कार्य का उद्देश्य करीब 7,200 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को जलभराव से बचाना बताया गया था। इसके बावजूद बारिश और नदियों के उफान के बाद बड़े पैमाने पर फसलें जलमग्न हुई हैं। ऐसे में कार्य की गुणवत्ता और प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

नदियों की सफाई के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग की चर्चाओं के बीच उन्होंने कार्य की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने पर जोर दिया। सांसद ने डीएम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण, फसल क्षति का सर्वेक्षण कर समुचित मुआवजा दिलाने तथा नदियों की खुदाई-सिल्ट सफाई कार्य की जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाई सुनिश्चित कराने की मांग की।