प्रयागराज । माघ मेला 2026-27 की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित आई-ट्रिपल-सी सभागार में मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. एवं पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया की संयुक्त अध्यक्षता में पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी मनीष वर्मा, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल, मेला अधिकारी ऋषि राज, नगर आयुक्त साईं तेजा, पुलिस उपायुक्त नीरज पांडेय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मेले की रूपरेखा और विभागवार तैयारियों की समीक्षा की। मंडलायुक्त ने तैयारियों की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक गुरुवार साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि माघ मेले के लिए इस बार करीब 54 टेंडर प्रस्तावित हैं। पिछले वर्ष नौ पॉनटून पुल बनाए गए थे और इस बार भी नौ पॉनटून पुल प्रस्तावित हैं। इनमें दो पुल अरैल साइड में बनाए जाने हैं। मंडलायुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में प्रस्तावित मुख्य एवं गाटा मार्गों का लेआउट तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों पर अत्यधिक भीड़ रहती है और श्रद्धालु गाटा मार्गों का भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में संभावित भीड़ वाले स्थानों को पहले से चिह्नित कर वैकल्पिक मार्ग और यातायात व्यवस्था की योजना तैयार की जाए।

मेला प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि लैंड लेवलिंग, सेनिटेशन तथा टेंटेज एवं फर्नीचर से संबंधित तीन टेंडर सितंबर के प्रथम सप्ताह में जारी किए जाएंगे। वहीं जल निगम की ओर से बताया गया कि मेला क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए कुल 80 बोर उपलब्ध हैं, जिनमें माघ मेले के दौरान 28 बोर का उपयोग किया जाता है। पाइपलाइन एवं ड्रेनेज समेत अन्य कार्यों के टेंडर भी सितंबर के प्रथम सप्ताह में फ्लोट किए जाने प्रस्तावित हैं।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि झूंसी में सामान्य तौर पर बस पार्किंग की व्यवस्था होती है, लेकिन वहां जाम की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए इस बार चीनी मिल के पास अतिरिक्त बस पार्किंग स्थल विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने पार्किंग व्यवस्था की निगरानी के लिए एक एक्सक्लूसिव विभागीय अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी को केवल पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जाए, ताकि मेले के दौरान वाहनों के आवागमन और पार्किंग संचालन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

बैठक में रेलवे और सेना के साथ समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया गया। संबंधित विभागों को रेलवे एवं आर्मी के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की तिथियां निर्धारित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मेला क्षेत्र में यातायात, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दिया जा सके।

मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि वर्ष 2013 के कुंभ से अब तक आयोजित सभी कुंभ एवं माघ मेलों से जुड़े अनुभवों और कमियों का विस्तृत ‘लर्निंग पॉइंट्स’ नोट तैयार किया जाए। इसमें पूर्व मेलों में सामने आई समस्याओं, व्यवस्थागत कमियों और महत्वपूर्ण अनुभवों को शामिल किया जाएगा, ताकि आगामी मेले में उन्हीं कमियों की पुनरावृत्ति न हो।

माघ मेला 2026-27 का आयोजन 14 जनवरी से 6 मार्च 2027 तक प्रस्तावित है। प्रमुख स्नान पर्वों में 14/15 जनवरी को मकर संक्रांति, 22 जनवरी को पौष पूर्णिमा, छह फरवरी को मौनी अमावस्या, 11 फरवरी को बसंत पंचमी, 20 फरवरी को माघी पूर्णिमा और छह मार्च को महाशिवरात्रि शामिल हैं।

पिछले माघ मेले की तुलना में इस बार मेला क्षेत्र को बढ़ाकर करीब 900 से 925 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव है। सेक्टरों की संख्या सात से बढ़ाकर आठ तथा घाटों की लंबाई 3.60 किलोमीटर से अधिक प्रस्तावित है। पार्किंग क्षेत्र और क्षमता में भी विस्तार किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत थानों, चौकियों और फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क, फायर वॉच टावर, होल्डिंग एरिया और स्नान घाटों की व्यवस्थाओं का विस्तार किया जाएगा। मेला क्षेत्र में 400 से अधिक तथा नगर क्षेत्र में 1,152 सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव है।

मंडलायुक्त ने सभी विभागों को अगली बैठक में अपने कार्यों का विस्तृत विवरण, आंकड़े, कार्ययोजना और संबंधित क्षेत्र का मैप प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि माघ मेले की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।