वाराणसी। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट गेज स्थल पर बुधवार 2 सितंबर को शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 70.40 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर फिलहाल एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।

गंगा का निर्धारित चेतावनी स्तर 70.262 मीटर है। बुधवार शाम तक जलस्तर चेतावनी बिंदु से 13.8 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। वहीं, खतरे का निशान 71.262 मीटर है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से महज 86.2 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 73.901 मीटर निर्धारित है। जलस्तर बढ़ने से गंगा के तटवर्ती इलाकों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से भी नदी के जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी हो गया है।

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। जलस्तर में बढ़ोतरी का रुख बरकरार रहने पर निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।