प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शनिवार को झलवा स्थित निर्माणाधीन राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति और कार्य पूर्ण होने की समयसीमा के बारे में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता ने जिलाधिकारी को बताया कि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को नवंबर माह के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य को हर हाल में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य की गति बढ़ाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य के निरीक्षण के लिए नामित नोडल अधिकारी सहायक आयुक्त सहकारिता साधना सिंह के स्तर से निरीक्षण आख्या उपलब्ध न कराए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इस मामले में सहायक आयुक्त सहकारिता से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नोडल अधिकारी के रूप में जिला विकास अधिकारी को नामित किए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विश्वविद्यालय परिसर में ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि परिसर में जल निकासी की समुचित और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। इसके साथ ही पार्किंग का कार्य भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराने पर जोर दिया।

कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि निर्माण कार्य को तीव्र गति से कराया जा रहा है और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मैनपॉवर और संसाधनों में वृद्धि करने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण में गुणवत्ता, समयबद्धता और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्य की निगरानी करने तथा प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण स्थल पर चल रहे विभिन्न कार्यों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।