सोनभद्र। स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल की चुर्क शाखा में सावन महोत्सव हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय परिसर को हरियाली और सावन की प्राकृतिक छटा से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय नजर आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य ए.के. वर्मा ने विद्यालय के प्रेरणास्रोत श्री श्री 1008 स्वामी हरसेवानन्द जी महाराज परमहंस के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए रंगारंग कार्यक्रम

सावन महोत्सव के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में सावन की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता ने आयोजन की शोभा और बढ़ा दी।

सावन का महीना हरियाली और निरंतरता का प्रतीक

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ए.के. वर्मा ने कहा कि देश की परंपराएं हमेशा हमें ईश्वर और प्रकृति से जोड़ती हैं। चाहे एक दिन का त्योहार हो या महीने भर का उत्सव, हर पर्व का अपना महत्व है। भारत में ऋतुओं का भी विशेष महत्व है और उन्हें अलग-अलग तरीकों से मिल-जुलकर प्रसन्नता के साथ मनाया जाता है।

उन्होंने विद्यालय के प्रबंधक बाबा प्रकाशध्यानानन्द जी का संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाते हुए कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, इसलिए वर्षा ऋतु का विशेष महत्व है। सावन का महीना हरियाली और अविरलता का प्रतीक माना जाता है। सावन का उत्सव प्रकृति, आस्था और सुंदरता का संदेश देता है।

शिक्षक-शिक्षिकाओं की रही सहभागिता

सावन महोत्सव में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर सीमा सिंह, पूजा, दीपा, श्रद्धा और आंचल सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं, प्रकृति और ऋतु उत्सवों से जोड़ने के साथ ही सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश दिया।