वाराणसी में आज बाढ़ और राहत व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात देखे और राहत शिविर पहुंचकर पीड़ितों से संवाद किया। दूसरी ओर गंगा का जलस्तर घटने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन हजारों लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। शहर में जलजमाव, बीएचयू की एसबीआई शाखा से 54 लाख रुपये की साइबर ठगी, अपराधियों तक पहुंचने में फॉरेंसिक तकनीक की सफलता और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियां भी प्रमुख खबरों में रहीं। शिक्षक दिवस पर काशी की शैक्षणिक परंपरा भी चर्चा में रही। पढ़िए पूरा ‘वाराणसी टॉप 10’ खबरें— 

1. बाढ़ का हाल देखने काशी पहुंचे योगी, हवाई सर्वे के बाद राहत शिविर में पीड़ितों से मिले

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर गंगा और वरुणा के किनारे बसे इलाकों की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बाढ़ और राहत कार्यों की समीक्षा की तथा सलारपुर स्थित विद्या विहार इंटर कॉलेज में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री भी वितरित की और शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रशासन को प्रभावित परिवारों तक भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं लगातार पहुंचाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया। 


2. घटने लगी गंगा, लेकिन हजारों बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें अभी बरकरार

गंगा का जलस्तर घटने से वाराणसी में बाढ़ का दबाव कुछ कम हुआ है, लेकिन प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य होने में अभी समय लगेगा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब एक सप्ताह में 16 मोहल्लों और 24 गांवों से 836 परिवारों के 3,876 लोगों को विस्थापित होकर राहत शिविरों अथवा सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। राहत कार्यों के लिए नाव और मोटरबोट लगाई गई हैं तथा एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीम भी सक्रिय की गई। जलस्तर में गिरावट से लोगों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन घरों में पानी, रोजगार का नुकसान और रोजमर्रा की जरूरतों की समस्या अभी बनी हुई है। 


3. राहत शिविरों में डीएम का सख्त निर्देश, बासी भोजन नहीं और 24 घंटे चिकित्सा सुविधा

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पड़ताल की। हुकुलगंज स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के राहत शिविर में उन्होंने प्रभावित लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। दीप्ति कॉन्वेंट स्कूल में चिकित्सा टीम से उपचार व्यवस्था की जानकारी लेते हुए 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रखने को कहा। बच्चों को दूध और फल देने के साथ वृद्धजनों एवं गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि नाश्ता और दोनों समय का भोजन समय से उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी राहत शिविर में बासी भोजन नहीं रहना चाहिए। 


4. बारिश थमी, परेशानी नहीं; कॉलोनियों में गंदे पानी और सीवर से बेहाल हजारों लोग

गंगा-वरुणा की बाढ़ के साथ शहर के कई अंदरूनी इलाकों में जलजमाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। गणेशपुरी सहित कई कॉलोनियों में बारिश और सीवर का पानी मिलकर गलियों तथा मकानों के आसपास जमा है। गणेशपुरी की लेन संख्या 13, 14 और 15 में दो हजार से अधिक आबादी प्रभावित बताई गई है। गिरीनगर एक्सटेंशन में भी जलजमाव और दुर्गंध से लोग परेशान हैं। कई स्थानों पर जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को गंदे पानी के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। लगातार जलभराव के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। 


5. बीएचयू की एसबीआई शाखा तक पहुंचा साइबर जाल, फर्जी ईमेल से 54 लाख ट्रांसफर

साइबर अपराधियों ने इस बार बैंकिंग व्यवस्था को ही निशाना बनाते हुए बीएचयू स्थित एसबीआई शाखा से जुड़े एक मामले में करीब 54 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। सामने आई जानकारी के मुताबिक फर्जी ईमेल के जरिए बैंक को भ्रमित कर खाते से बड़ी रकम स्थानांतरित कराई गई। मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सुरक्षा और ईमेल आधारित निर्देशों के सत्यापन को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई है। साइबर अपराधियों के लगातार बदलते तरीकों के बीच यह मामला संस्थागत स्तर पर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत बताता है। प्रकरण की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी किस तरह अंजाम दी गई। 


6. जूते और फिंगरप्रिंट ने खोले अपराध के राज, आठ महीने में 1059 मामलों में पहुंची फॉरेंसिक टीम

कमिश्नरेट पुलिस की फॉरेंसिक फील्ड यूनिट अपराधियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच टीम ने 1,059 घटनास्थलों पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। एक हत्या के मामले में जूते से मिले सुराग के आधार पर आरोपी की पहचान हुई, जबकि शोरूम में हुई चोरी के एक मामले में टोंटी पर मिले फिंगरप्रिंट ने आरोपी तक पहुंचने में मदद की। दो अत्याधुनिक फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की जा रही है। टीम हर महीने औसतन करीब 140 घटनास्थलों पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है। 


7. शिवपुर में महीनेभर में दूसरी बार धंसी सड़क, राहगीरों के लिए बढ़ा खतरा

शिवपुर बाजार में दुर्गा मंदिर के पास सड़क एक महीने के भीतर दूसरी बार धंसने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। व्यस्त बाजार क्षेत्र में सड़क धंसने के कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बारिश और भूमिगत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के बीच सड़क की मजबूती को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों को डर है कि यदि क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत नहीं हुई तो भारी वाहन गुजरने के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। लगातार दूसरी बार सामने आई घटना ने निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर प्रशासन का ध्यान खींचा है। 


8. लाखों की आरटीपीसीआर मशीन निष्क्रिय, जांच के लिए बीएचयू भेजे जा रहे सैंपल

मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा में स्थापित आरटीपीसीआर मशीन क्रियाशील नहीं होने के कारण स्वाइन फ्लू, कोरोना और अन्य संक्रमणों की स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित है। अस्पताल से सैंपल बीएचयू की माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, जिससे रिपोर्ट मिलने में समय लग रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार तकनीकी समस्याओं, प्रशिक्षित कर्मचारियों और आवश्यक संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। पूर्वांचल में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बीच जांच की यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। 


9. शिक्षक दिवस पर काशी की शिक्षा परंपरा का सम्मान, चार विश्वविद्यालयों के कुलपति अलंकृत

शिक्षक दिवस के अवसर पर काशी में गुरु और शिक्षा की समृद्ध परंपरा को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सम्मान दिया गया। रोटरी क्लब वाराणसी ने ‘गुरुजन का सम्मान उनके द्वार’ की परंपरा के तहत काशी के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को ‘सर्वपल्ली राधाकृष्णन अलंकरण-2026’ प्रदान किया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति भिक्षु प्रो. वंगछुग दोर्जे नेगी को सम्मानित किया गया। 


10. ज्वेलरी दुकान में भरोसे पर चोट, गार्ड पर चार लाख के गहने चुराने का आरोप

चितईपुर थाना क्षेत्र की एक ज्वेलरी दुकान से करीब चार लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और लगभग 10 हजार रुपये नकद गायब होने का मामला सामने आया है। दुकानदार ने दुकान की सुरक्षा में तैनात गार्ड पर चोरी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता के अनुसार एक चांदी का सिक्का गायब मिलने के बाद संदेह हुआ। सीसीटीवी फुटेज देखने पर अलग-अलग दिनों में दुकान के काउंटर से आभूषण और नकदी निकाले जाने की बात सामने आई। चितईपुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।